एनसीयूआई हाट: साकार हो रहा ‘सहकार से संमृद्धि’ का सपना

नई दिल्ली: सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद इस क्षेत्र में बड़े बदलाव की कोशिश शुरू हो गई है। इसी कड़ी में अब सहकारी संगठनों की सर्वोच्च संस्था भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (NCUI) ने एक ऐसा फैसला लिया है जिससे छोटी कॉपरेटिव कमेटियों को बड़ा काम करने का अवसर मिलेगा। एनसीयूआई ने देश के छोटे कॉपरेटिव और सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट की दिल्ली में शोकेसिंग करने का निर्णय लिया है। एक तरह से दिल्ली हाट के मॉडल पर एनसीयूआई हाट शुरू होगी।

जो संस्थाएं या कारीगर अपने प्रोडक्ट लेकर आएंगे उन्हें एनसीयूआई अपने सीरी इंस्टीट्यूशनल एरिया अगस्त क्रांति मार्ग स्थित परिसर में डिस्प्ले करने का मौका देगा। उनके रहने और खाने का खर्च भी एनसीयूआई ही उठाएगा। उन्हें स्टॉल के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा। इसका मकसद जमीनी स्तर पर दूर दराज के क्षेत्रों में काम करने वाले सहकारी समितियों को आगे बढ़ाना है। एनसीयूआई के इतिहास में पहली बार ऐसी पहल शुरू की गई है।

रेगुलर चलेगा यह कार्यक्रम

एनसीयूआई हाट चलता रहेगा। इसे रेगुलर किया जाएगा। बारी-बारी से लोगों को अपने प्रोडक्ट डिस्प्ले करने का मौका मिलता रहेगा। दिल्ली जैसी जगह पर फ्री में प्रोडक्ट डिस्प्ले करने से छोटे कारीगरों का मनोबल ऊंचा होगा। उन्हें बाजार मिलेगा। इससे वो अच्छा पैसा कमाएंगे और ‘सहकार से समृद्धि’ का सपना साकार होगा। यहां पर सहकारी संस्थाओं एवं सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा बनाए गए हैंडीक्रॉफ्ट, खाने-पीने की चीजें, कपड़े और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें उपलब्ध होंगी।

कितनी सहकारी समितियां?

देश भर में करीब 8।5 लाख सहकारी समितियां हैं। जिनके 30 करोड़ से अधिक सदस्य हैं। कुछ अपवाद छोड़ दिए जाएं तो सहकारी आंदोलन से जनता की बजाय नेताओं का ज्यादा फायदा हुआ है। लेकिन अब इस क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की कोशिश शुरू हो रही है। सभी पैक्स को कंप्यूटराइज्ड करके उनकी भूमिका आम आदमी को फायदा पहुंचाने वाली करने की कोशिश की जा रही है। ताकि ‘सहकार से समृद्धि’ के नारे का अर्थ साकार हो।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button