Chandrayaan 3: इस मिशन के जरिए UP ने भी जमाई धाक, जानिए कैसे

लखनऊ: 14 जुलाई को चंद्रयान 3 लॉन्च किया गया था, वहीं बुधवार शाम यह चांद की सतह पर लैंड कर चुका है। भारत के चंद्रयान 3 के विक्रम लैंडर की सफल लैंडिंग के लिए हर तरफ प्रार्थना की गई और दुआ मांगी गई। बता दें कि इस मिशन को सफल बनाने में देशभर के कई वैज्ञानिकों की अहम भूमिका है। इस मिशन के लिए किसी वैज्ञानिक ने कैमरा तो किसी ने सॉफ्टवेयर बनाया है। चंद्रयान की सफल लॉन्चिंग में शामिल वैज्ञानिकों में कई उत्तर प्रदेश के छोटे-छोटे जिलों से जुड़े हुए हैं। हमारे इस विशेष अंक में हम आपको बताएंगे चंद्रयान 3 की लॉन्चिंग टीम में शामिल यूपी के वैज्ञानिकों के बारे में…

  • डॉ. रितु कारिधाल: नवाबों का शहर लखनऊ की रहने वाली डॉ.. रितु करिधाल चंद्रयान 3 मिशन की डायरेक्टर हैं। उन्हें रॉकेट वुमन कहा जाता है। लखनऊ के नवयुग कन्या महाविद्यालय से इंटरमीडिएट करने के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय से भौतिकी में एमएससी की डिग्री हासिल की। बेंगलुरु के भारतीय विज्ञान संस्थान में शामिल हुईं और 1997 में ISRO में नौकरी का मौका मिला।
डॉ. रितु कारिधाल
डॉ. रितु कारिधाल
  • धर्मेंद्र प्रताप यादव: फिरोजाबाद के टिकरी गांव के धर्मेंद्र प्रताप यादव चंद्रयान 3 की लॉन्चिंग टीम में शामिल हैं। धर्मेंद्र प्रताप का इस मिशन में मुख्य कार्य चंद्रयान से सिग्नल को प्राप्त करने का है। धर्मेंद्र ने जिले के बृजराज सिंह इंटर कॉलेज से 12वीं की पढ़ाई की। मथुरा के हिंदुस्तान कॉलेज से बीटेक और जालंधर के कॉलेज से एमटेक किया। 2011 से वह इसरो में बतौर वैज्ञानिक सेवाएं दे रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रताप यादव
धर्मेंद्र प्रताप यादव
  • कमलेश शर्मा: गाजीपुर के रेवतीपुर के रहने वाले कमलेश शर्मा भी चंद्रयान 3 मिशन की टेक्निकल टीम का हिस्सा हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक और बाद में गणित विषय से परास्नातक की डिग्री हासिल की। नेट और गेट की परीक्षा सफलता से पास होने के बाद वह 2010 में इसरो के सात मैथमेटिक्स एक्सपर्ट के तौर पर जुड़े।
कमलेश शर्मा
कमलेश शर्मा
  • सुमित कुमार: फतेहपुर के सुमित कुमार चंद्रयान 3 में लगे कैमरे के वैज्ञानिक हैं। 2008 से इसरो अहमदाबाद केंद्र में कार्यरत सुमित ने टीम के साथ मिलकर अत्याधुनिक कैमरा डिजाइन किया, जिसे चंद्रयान के लैंडर और रोवर में लगाया गया है।
सुमित कुमार
सुमित कुमार
  • आशीष मिश्रा: उन्नाव के आशीष मिश्रा चंद्रयान 3 के लॉन्चिंग से लेकर लैंडर प्रोपल्शन सिस्टम के वैज्ञानिक हैं। आशीष की पीएसएलवी, जीएसएलवी और एलवीएम 3 में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
आशीष मिश्रा
आशीष मिश्रा
  • आलोक पांडेय: मिर्जापुर के आलोक पांडेय की चंद्रयान 3 की लैंडिंग में विशेष भूमिका में हैं। चंद्रयान की लैंडिंग और कंट्रोलिंग की जिम्मेदारी आलोक के पास है। उन्हें चंद्रयान की चांद पर लैंडिंग और कम्यूनिकेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आलोक पांडेय
आलोक पांडेय
  • हरिशंकर गुप्ता: वैज्ञानिक हरिशंकर गुप्ता प्रयागराज के हैं। उन्होंने चंद्रयान 3 के लिए हेजार्ड डिटेक्शन मैकेनिज्म बनाया है। इस मैकेनिज्म से चांद की सतह पर गड्ढों का पता लगाया जा सकेगा और लैंडर को चांद की सतह पर सुरक्षित उतारने में मदद मिलेगी।
हरिशंकर गुप्ता
हरिशंकर गुप्ता
  • रवि केसरवानी: चंद्रयान 3 में शेप नाम का एक उपकरण जुड़ा है, जिससे चंद्रयान को धरती से प्रकाश मिल रहा है। इस उपकरण को प्रतापगढ़ के वैज्ञानिक रवि केसरवानी की टीम ने बनाया है।
रवि केसरवानी
रवि केसरवानी

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